Shreyas Talpade Heart Attack से पहले २८ साल तक करते रहे परिश्रम। ‘क्लिनिकली डेड’ हो गए थे श्रेयस तलपड़े।

अभिनेता Shreyas Talpade Heart Attack के अपने अनुभव को इस्टाग्राम पर साझा किया, हलाकि अभिनेता श्रेयस तलपड़े की लाइफ स्टाइल काफी परिश्रम भरी थी। उन्होंने अपने हार्ट अटैक से पहले २८ वर्षो तक लगातार परिश्रम किया। इंटने लम्बे अवधि के दौरान कभी भी हॉस्पिटल में भर्ती नहीं हुए। अपने आप को हार्ट अटैक से भी बच्चा पाए।

Shreyas Talpade Heart Attack से पहले २८ साल तक करते रहे परिश्रम

Shreyas Talpade Heart Attack
Shreyas Talpade Heart Attack Image Souce indianexpress

Shreyas Talpade के नए इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार उनके पारिवारिक इतिहास कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम कारक और हृदय रोग का रहा है और Shreyas Talpade Heart Attack के पीछे का कारण भी यही बना।

अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने काम के तनाव के हानिकारक प्रभाव को कुछ इस तरह साझा किया, हम सभी अपने तनाव और परिवार की मेडिकल हिस्ट्री को हल्के में लेने का अक्सर भूल कर बैठते है। सभी लगता है कि अभी उनके पास बहुत समय है।

अत्यधिक परिश्रम और तनाव हृदय को कैसे प्रभावित करते हैं?

डॉ. निशिथ चंद्रा जोकि फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के प्रधान निदेशक है बताते है कि हमारा मानव शरीर किसी भी प्रकार के तनावपूर्ण स्थितियों से निपटे के लिए सक्षम और सुसज्जित है। मानव शरीर किसी भी प्रकार की आपातकालीन परिस्तियों पर प्राकृतिक रूप से प्रतिक्रिया करने का एक प्राकृतिक तंत्र है, जिसे उड़ान प्रतिक्रिया कहा जाता है।

इस दौरान दिल की ढकने तेज और रोंगटे खड़े हो जाते है, लेकिन कुछ ही पलो के बाद दिल की ढकनेऔर रोंगटे समान्य हो जाते है। लेकिन अगर यह स्थिति लम्बे समय तक हो और इस तंत्र पर लगातार दबाव पड़ता रहे तो यह काफी नुकसान पहुंचा सकता है। आगे चलकर यह क्षणिक तीब्र तनाव में बदल सकता है।

डॉ. चंद्रा आगे कहते है अगर तनाव लम्बे समय तक रहा तो शरीर में एंडोर्फिन, कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन का स्तर काफी बढ़ जाता है। जिसके फलस्वरूप ट्राइग्लिसराइड्स, रक्त कोलेस्ट्रॉल, रक्त शर्करा और रक्तचाप बढ़ जाता है।

यह रक्त वाहिकाओं में सूजन को भी बढ़ा देता है, रक्त को गाड़ा कर रक्तचाप को बढ़ाने के साथ धमिनयों को शंकुचित कर देता है। तनाव का स्तर अधिक बढ़ने से दबाव् के कारण छोटी धमनिया फट जाती है, और धमनियों में थक्का जम जाता है।

Shreyas Talpade Heart Attack

एक अध्यन किया गया जिसके परिणामो पर 11.2 वर्षो तक नजर रखी गयी और पाया गया कि क्रोनिक तनाव के साथ लगभग 5.8 प्रतिशत दिल के दौरे और हृदय संबंधी घटनाओं का अनुभव पाया गया। परीक्षण में सम्लित व्यक्तियों के मूत्र परीक्षण में कोर्टिसोल का स्तर दोगुना होने पर स्ट्रोक जैसी हृदय संबंधी घटनाओं में ९० प्रतिशत का जोखिम अधिक पाया गया।

दिलचप बात यह भी पता चली की इन लोगो में मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान, या अन्य जोखिम कारक हों या ना हो फिर भी इसका जोखिम पाया गया। साथ ही यह भी पता चला कि अगर किसी को High B.P है तो कोर्टिसोल और डोपामाइन हार्मोन का युवा वास्को में अधिक अधिक पाया गया।

तनाव को कैसे ट्रैक करें?

अगर आपकी परिवार की मेडिकल हिस्ट्री ह्रदय रोग से संबंधित है और आपकी उम्र २० वर्ष या उससे अधिक है तो आपको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। ३० वर्ष के ऊपर सभी को समय समय पर वार्षिक जांच जरूर कराते रहना चाहिए, जिसमे ईसीजी, रक्त कोलेस्ट्रॉल, ट्रेडमिल, इकोकार्डियोग्राम और शुगर की जांच सम्लित हो। साथ ही किसी हृदय रोग विशेषज्ञ से समय समय पर परामर्श लेते रहना चाहिए।

तनाव को कैसे कम करें?

डॉ. चंद्रा बताते है कि उनके अधिकतर मरीजों के पास उनके स्वास्थ्य के लिए समय नहीं होता है, जबकि उन्हें इस बात को समझने की आवश्यकता है की नौकरी और पर्तिस्पर्धा जीवन का मात्र एक पहलू है ना की सम्पूर्ण जीवन, लेकिन स्वास्थ्य सर्वोच्च है। बिना स्वास्थ्य के मिली हुए नौकरी भी गवानी पड़ सकती है।

अभिनेता Shreyas Talpade Heart Attack के मामले को ध्यान में रखते हुए आगे डॉ. चंद्रा बताते है कि प्रतिदिन का १५ से २० मिनट का शारीरिक व्यायाम हृदय रोग को दूर रखने के लिए पर्याप्त होता है। इसके लिए कोई जरूरी नहीं है कि आप घंटों जिम में करसरत करे।

साथ ही मानसिक तनाव से बचने के लिए योग व् ध्यान और भरपूर नीद मदद कर सकती है। शरीर की कोशिकाओं को मरमस्त के लिए समय की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन लगातार व् नियमित कसरत या देर तक काम करना दिल के दौरे का कारण बन सकता है। इसलिए काम व् कसरत के साथ आराम भी बहुत जरूरी है। Source

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